तुझे ना पा कर भी खुश हैं

तेरे खोने का भी गम है

क्यूं जलन सी उठी है आज मेरे सीने में ...?

क्यूं तड़पता है दिल तेरे बिन जीने में ‌।


तुम समझ ना सके जज्बात मेरे

तुम चल ना सके दो कदम साथ मेरे

दर्द छंटता ही नहीं कितना भी रोने में ,

क्यों जलन सी होती है आज मेरे सीने में ...?

क्यूं तड़पता है दिल तेरे बिन जीने में ‌।


लम्हा वो सताये तेरे साथ जो गुजरे

पल भर में है मेरे सारे सपने बिखरे

अब आये सुकून पलकें भिगोने में ,

क्यों जलन सी होती है आज मेरे सीने में ...?

क्यूं तड़पता है दिल तेरे बिन जीने में ‌।


ना कोई शिकवा ना तुमसे गिला है 

खुश रहे तू सदा  बस यही दुआ है 

अब तकलीफ ना हो दर्दे ए जाम पीने में 

क्यों जलन सी होती है आज मेरे सीने में ...?



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