भारतवर्ष की सियासत में इन दिनों बड़ी तेज चर्चा चली है और काफी लंबे समय के बाद ऐसा हो रहा है ।

 क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई चुनौती दे सकता है ? यानि कि क्या भारतीय जनता पार्टी को हराया जा सकता है?

 तो इसका जवाब है - हां , 

भारतीय जनता पार्टी को चुनाव हराया जा सकता है क्योंकि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के पास स्वयं के दम पर 303 लोकसभा की सीटें हैं ऐसी स्थिति में यदि भारतीय जनता पार्टी को 30 से 40 सीटों पर हरा दिया जाए तो भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के नीचे आ जाएगी । यदि भाजपा पूर्ण बहुमत के नीचे रहेगी तो उसे अन्य दलों का समर्थन मिलना आज की भाजपा की राजनीति को देखकर बहुत ही मुश्किल लग रहा है । 

   भाजपा को सबसे ज्यादा नुकसान इस बार पश्चिम बंगाल से होगा जहां बीजेपी की 10 से 15 सीटें कम हो सकती हैं , हम दूसरे राज्य की बात करें तो दूसरा राज्य बिहार है जहां थोक के भाव में भाजपा की 25 से 30 सीधे-सीधे कम हो सकती हैं । इसके अलावा झारखंड ऐसा राज्य है जहां बीजेपी की सीटों को घटाया जा सकता है । उत्तर प्रदेश में भी यदि बाइपोलर लड़ाई होती है तो कुछ हद तक भारतीय जनता पार्टी की कुछ सीटें कम की जा सकती है लेकिन यूपी में अभी भी भारतीय जनता पार्टी लोकसभा के नजरिए से काफी मजबूत पार्टी बनी हुई है । महाराष्ट्र की राजनीति की बात करें तो महाराष्ट्र में भी यदि महाविकास आघाड़ी यानी कि कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ती है तो वहां से भी भाजपा की कुछ सीटें कम हो सकती हैं । 

   भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में 30 से 40 सीटों का नुकसान होने की संभावना दिख रही है इसीलिए भारतीय जनता पार्टी ने इन सीटों की भरपाई के लिए दक्षिण भारत में अपने आप को मजबूत करने का प्रयास किया है सबसे ज्यादा भाजपा को उम्मीद है तेलंगाना से हैं इसके अलावा कर्नाटक में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का प्रयास भाजपा करेगी । इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी उड़ीसा में अपने जनाधार को बढ़ाने का प्रयास कर रही है और यही कारण है कि द्रोपति मुर्मू के राष्ट्रपति बनने के बाद ऐसा निश्चित तौर पर यह है कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में बीजेडी को मात दे सकती है और वहां पर अपनी सीटें बढ़ा सकती है । 


    बिहार में सरकार बदलने से विपक्ष के अंदर एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और तमाम तरीके की चर्चाएं हर जगह चलने लगी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी जा सकती है । इसमें सबसे ज्यादा इस समय सामने नाम आ रहा है वह नीतीश कुमार का । क्या नितीश कुमार प्रधानमंत्री के उम्मीदवार 2024 में हो सकते हैं ? तो निश्चित तौर पर नीतीश कुमार के अंदर वह काबिलियत है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टक्कर दे सकते हैं लेकिन इसके लिए सबसे पहले जरूरी है विपक्षी दलों का सहमत होना । नीतीश कुमार हिंदी पट्टी के सबसे अनुभवी मुख्यमंत्री माने जाते हैं जो समाजवादी बैकग्राउंड से भी आते हैं , उनके ऊपर भ्रष्टाचार और परिवारवाद का भी कोई आरोप नहीं है ऐसी स्थिति में निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कड़ी चुनौती दे सकते हैं यदि संपूर्ण विपक्ष का साथ मिला । 

  नीतीश कुमार को विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया जाता है तो उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश और तमाम राज्यों में इसका जातिगत असर भी अवश्य पडे़गा ।


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